अगर आप पटना के प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन करना चाहते हैं तो बिहार राज्य पर्यटन निगम ने आपके लिए एक बेहतरीन टूर पैकेज शुरू किया है. इस पैकेज में आपको काफी सस्ते में पटना के कई मंदिरों का दर्शन कराया जायेगा.
आपको बता दें कि बिहार के विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए पर्यटन निगम द्वारा पहले से ही कई टूर पैकेज शुरू किया गया है. ऐसे में पर्यटन विभाग ने एक और पहल की शुरुआत की है, जिसमें लोगों को अब पटना के मंदिरों के दर्शन कराया जायेगा.
इस पैकेज को बुक करनेवाले श्रद्धालुओं को पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर, शीतला माता मंदिर, छोटी पटनदेवी, बड़ी पटनदेवी, जल्लावाला मंदिर और करौटा जगदम्बा स्थान का दर्शन कराया जायेगा. आपको बता दें कि इस टूर पैकेज के लिए प्रति व्यक्ति 5 सौ रूपए किराया रखा गया है. यानि 5 सौ रूपए खर्च करके आप आसानी से एक दिन में इन सभी मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं. पर्यटकों को एक बोतल पानी भी फ्री दिया जायेगा. इसके लिए सप्ताह में दो दिन का समय निश्चित किया गया है. पटना के आर. ब्लॉक स्थित कौटिल्य  विहार से हर शनिवार और रविवार को बस खुलेगी.

जानिए पटना के मंदिरों के बारे में

महावीर मंदिर :

ये मंदिर सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख मंदिरों में से एक है. मंदिर पटना जंक्शन के पास स्थित है. यह मंदिर देश के अन्य महावीर मंदिरों से अलग है. क्योंकि यहां हनुमान जी की दो मूर्तियां हैं. एक मूर्ति परित्राणाय साधूनाम अर्थात अच्छे लोगों के कार्य पूरी करने वाली है और दूसरी मूर्ति विनाशाय च दुष्कृताम्बु, अर्थात बुरे लोगों की बुराई दूर करने वाली है. पटना आनेवाले श्रद्धालु इस मंदिर में बजरंगबली के सामने सिर नवाना नहीं भूलते. वैसे तो ये मंदिर काफी प्राचीन है, लेकिन 80 के दशक में इसे नया रंग-रूप दिया गया है. आमदनी में भी यह उत्तर भारत का दूसरा सबसे ज्यादा आय वाला मंदिर है.
बड़ी पटनदेवी मंदिर : पटना में बड़ी पटनदेवी और छोटी पटनदेवी दो प्रसिद्ध शक्तिपीठ है. पटनासिटी में स्थित इस मंदिर की देवी मां बहुत जागृत मानी जाती हैं. इस मंदिर परिसर में काले पत्थर की बनी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की प्रतिमा स्थापित है.
छोटी पटन देवी: यह भी पटना के प्राचीन मंदिरों में से एक है. इन्हें पटना की नगर देवी कहा जाता है. इसका निर्माण मुग़ल सूबेदार राजा मानसिंह के द्वारा कराया गया था.
शीतला माता मन्दिर : पटना के अगमकुआं इलाके में स्थित माता शीतला का प्रसिद्ध मंदिर है. यह मंदिर मौर्यकाल से भी पहले की मानी जाती है. इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां आने वाले श्रद्धालु के सभी रोग-शोक शीतला माता दूर कर देती हैं. मंदिर के बगल में ही एक ऐतिहासिक कुआं है, जिसके बारे में कहा जाता है कि सम्राट अशोक ने अपने भाइयों के सिर काटकर उसी कुएं में डाल दिए थे.

जल्लावाला मंदिर : पटनासिटी के बेगमपुर मोहल्ले में हनुमान जी का एक अतिप्राचीन मंदिर है जो जल्लावाले हनुमान मंदिर के नाम से जाना जाता है. प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को यहां पूजा करने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है. लोग इसे सिद्धपीठ के रूप में मानते हैं.

करौटा का जगदंबा मंदिर : पटना से 40 किमी दूर करौटा में माता जगदंबा का प्रसिद्ध मंदिर है. यहां मां की काले पत्थर की मूर्ति है जो एक पीपल के पेड़ से प्रकट होते प्रतीत होती है. स्थानीय लोग बताते हैं कि ये प्रतिमा हजारों साल पुरानी है. कभी यहां मंदिर था, जिसे बख्तियार खिलजी ने अपने नालंदा विजय अभियान के दौरान ध्वस्त कर दिया था. मंदिर के बारे में ऐसे मान्यता है कि यहां मां सबकी मनोकामना पूरी करती हैं. मंदिर में निसंतान दंपतियों की भी भीड़ उमड़ती है, महिलाओं का विश्वास है कि मां के दर्शन से उनकी सूनी गोद भर जाती है.

 

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