कुछ दिन गुजरात में (यात्रा का पांचवां पड़ाव) भाग- एक

द्वारिका गुजरात के जामनगर जिले में पड़ता है. यहां हमलोग तीन बत्ती चौराहे के पास मिलन होटल में ठहरे थे. शाम में तैयार होकर करीब साढ़े सात बजे द्वारिका भ्रमण के लिए निकले. तय हुआ कि घूमकर लौटते वक़्त ही उधर से डिनर करते आना है. हालांकि द्वारिका शहर हमलोग के लिए नया था, लेकिन भगवान कृष्ण की यह नगरी...

गिर के जंगल में सिंह से सामना

सोमनाथ मंदिर के दर्शन कर जब रात में हमलोग लौट रहे थे, तभी होटल कैंपस में मौजूद एक टूर एंड ट्रेवल्स वाले से जीजू ने आगे की यात्रा के लिए बात कर ली. जिसे सुबह आठ बजे इंडिका कार से हमलोगों को गिर जंगल और पोरबंदर घुमाते हुए द्वारिका ले जाने वाला था. 5000 में यह बुकिंग तय हुई. सुबह आठ बजे...

सोमनाथ मंदिर की शोभा के क्या कहने

अपनी गुजरात यात्रा के दुसरे पड़ाव यानि अहमदाबाद घूमने के बाद अब हमें सोमनाथ मंदिर पहुंचना था. इसलिए सुबह ही हमलोग अहमदाबाद स्टेशन जाने के लिए तैयार हो गए. जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस में हमारा रिजर्वेशन था. ट्रेन के आने का वक़्त सवा आठ बजे था. लेकिन यहां भी ट्रेन लेट थी. आई 9 बजे. तब तक बोरियत से बचने के लिए कैमरा...

अक्षरधाम मंदिर सहित अन्य मंदिरों के दर्शन (यात्रा का दूसरा पड़ाव)

पटना से गुजरात भाया दिल्ली (यात्रा का पहला पड़ाव) के बाद अब हम अपनी यात्रा के दुसरे पड़ाव यानी दिल्ली से अहमदाबाद की ओर थे. दिल्ली से अहमदाबाद आने के दौरान भी हमारी यात्रा काफी मजेदार और यादगार रही. आश्रम एक्सप्रेस जैसे ही दिल्ली कैंट से चली, काले काले बादल और ठंडी हवाओं का झोंका भी साथ चल पड़ा. कुछ...

हमारी पहचान गोलघर

कभी आकाश को छूने की तमन्ना तो कभी शहर की सुन्दरता को उंचाई से देखने की ललक. कभी गोलाकार बनी उन 145 सीढ़ियों पर चढ़ते – चढ़ते हांफती सांसे तो कभी पटना की पहचान को नजदीक से देखने की ख़ुशी. कितना जुड़ाव था शहर का इस पुरानी धरोहर के साथ. लगाव आज भी है. लेकिन बदलते समय और इससे...

पटना से गुजरात भाया दिल्ली (यात्रा का पहला पड़ाव)

पिछले साल गर्मी के इस मौसम में सिक्किम की सैर करने निकला था, तो इस साल भी कहां चला जाये इसकी प्लानिंग हो रही थी. तभी अचानक गुजरात घूमने का ख्याल आया. टीवी पर कई बार अमिताभ बच्चन को गुजरात टूरिज्म के विज्ञापन में कहते सुना और देखा था, जिसमें वो देशवासियों से कुछ दिन गुजरात में बिताने की गुजारिश करते...

पटना में गंगा आरती की एक शाम

शाम का वक़्त, तेज बहती ठंडी हवाएं, गंगा का किनारा, चारों ओर चहल पहल, गंगा आरती करने में तल्लीन पुजारी गण तो मां गंगा की आराधना में डूबे लोग, ऐसे में गंगा की लहरों पर सवारी करने का एक अलग ही आनंद होता है. यही सोच अचानक ख्याल आया कि चलो गंगा घाट चलते हैं. फिर क्या था निकल...

वैशाली : यात्रा यादों वाली…

वो रोज कॉलेज आना, क्लासेज अटेंड करना, कभी पी.सी.आर. रूम में एडिटिंग सीखना तो कभी स्टूडियो में कैमरा फेस करना. जब से मास कम्युनिकेशन की पढाई करने के लिए कॉलेज में एडमिशन लिया उस वक़्त से अपनी पढ़ाई में ऐसे रमे रहे मानों बाहरी दुनिया से तो अब मतलब ही नही रहा. ऊपर से फर्स्ट सेमेस्टर के एग्जाम का...

न्यू कपल्स का नया ट्रेंड बेबीमून

अजीब सी अनुभूति होती है यह सोच कर कि कल तक हम खुद बच्चे थे, आज हमारे खुद के बच्चे होने जा रहे है. पहली बार पापा बनने की वो ख़ुशी छुपाये नहीं छुपती तो मां बनने के ख्याल मात्र से ही मातृत्व प्रेम जागने लगता है. हम कल्पनाओं के पंख लगा कर उड़ने लगते है भविष्य के नील...

पटना के गंगा घाट में… इत्ती सी ख़ुशी… इत्ती सी हंसी…

इत्ती सी ख़ुशी... इत्ती सी हंसी... अब हो भी क्यों ना... जब काम के साथ मस्ती करने का भी फुलटू मौका मिले तो. जैसे ही अपने 3rd सेमेस्टर की परीक्षा देकर घर पहुंचा, तो कुछ देर के बाद फोन आया की हम सभी यानी जो भी उस चैनल में इंटर्न कर रहे है सब को अगले दिन दरभंगा हाउस सुबह-सुबह ही...