वलसाड़: समुंद्री किनारे,मंदिर,किले और अल्फांसों आम का शहर

दमन का खुबसूरत सफ़र तय कर सूरत लौटने में ही हमें रात हो गयी. फिर अगले दिन सूरत से वलसाड़ के लिए निकलना था. सुबह सूरत स्टेशन पहुंचे तो टिकट के लिए सारे काउंटर पर लम्बी लाइन लगी थी. फिर जब स्टेशन के अन्दर आये तो एक प्लेटफार्म के नीचे पटरियों पर नजर पड़ी. पटरियों के नीचे का फर्श...

सागर की लहरों से भींगता जहां तन –मन, चलो घूम आएं वो दमन..

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पिछले पोस्ट यानि गुजरात यात्रा के छठें पड़ाव में आपने हमारी वांकानेर और सूरत भ्रमण के बारे में पढ़ा. अब सूरत से हमलोग अपनी यात्रा को विस्तार देते एक दिन के लिए सुबह-सुबह दमन के लिए निकले. निकलते वक़्त सुबह तेज बारिश होने लगी थी. पहली बार सूरत की बारिश का मजा लेने का मौका मिला. गाड़ी की खिड़की...

कुछ दिन गुजरात में (यात्रा का छठा पड़ाव) वांकानेर और सूरत शहर की सैर

द्वारिका घुमने के बाद ओखा-अहमदाबाद पैसेंजर ट्रेन से सुबह सात बजे के करीब वांकानेर स्टेशन उतरे. वांकानेर गुजरात में राजकोट जिले का एक शहर है. वांकानेर का नामाकरण इसके स्थान के नाम पर हुआ है. मच्छु नदी के पानी जिसे ‘नेर’ कहते हैं, उसके मोड़ यानि ‘वांका’ पर स्थित होने के कारण इस शहर को ‘वांकानेर’ कहा जाता है....

कुछ दिन गुजरात में यात्रा का पांचवा पड़ाव (द्वारिका भ्रमण) भाग- दो

द्वारिका दर्शन कराने वाले बस से अब हमें रुक्मणी मंदिर, गोपी तालाब, भगवन शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में से एक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और बेट/भेंट द्वारिका घुमने जाना था. वापस तीन बत्ती चौक पर आये तो देखा कि यहाँ बस लगी हुई है. खुलने में अभी थोड़ा वक़्त था इसलिए हमलोगों ने पास के एक दूकान से गर्मी दूर...

कुछ दिन गुजरात में (यात्रा का पांचवां पड़ाव) भाग- एक

द्वारिका गुजरात के जामनगर जिले में पड़ता है. यहां हमलोग तीन बत्ती चौराहे के पास मिलन होटल में ठहरे थे. शाम में तैयार होकर करीब साढ़े सात बजे द्वारिका भ्रमण के लिए निकले. तय हुआ कि घूमकर लौटते वक़्त ही उधर से डिनर करते आना है. हालांकि द्वारिका शहर हमलोग के लिए नया था, लेकिन भगवान कृष्ण की यह नगरी...

गिर के जंगल में सिंह से सामना

सोमनाथ मंदिर के दर्शन कर जब रात में हमलोग लौट रहे थे, तभी होटल कैंपस में मौजूद एक टूर एंड ट्रेवल्स वाले से जीजू ने आगे की यात्रा के लिए बात कर ली. जिसे सुबह आठ बजे इंडिका कार से हमलोगों को गिर जंगल और पोरबंदर घुमाते हुए द्वारिका ले जाने वाला था. 5000 में यह बुकिंग तय हुई. सुबह आठ बजे...

सोमनाथ मंदिर की शोभा के क्या कहने

अपनी गुजरात यात्रा के दुसरे पड़ाव यानि अहमदाबाद घूमने के बाद अब हमें सोमनाथ मंदिर पहुंचना था. इसलिए सुबह ही हमलोग अहमदाबाद स्टेशन जाने के लिए तैयार हो गए. जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस में हमारा रिजर्वेशन था. ट्रेन के आने का वक़्त सवा आठ बजे था. लेकिन यहां भी ट्रेन लेट थी. आई 9 बजे. तब तक बोरियत से बचने के लिए कैमरा...

अक्षरधाम मंदिर सहित अन्य मंदिरों के दर्शन (यात्रा का दूसरा पड़ाव)

पटना से गुजरात भाया दिल्ली (यात्रा का पहला पड़ाव) के बाद अब हम अपनी यात्रा के दुसरे पड़ाव यानी दिल्ली से अहमदाबाद की ओर थे. दिल्ली से अहमदाबाद आने के दौरान भी हमारी यात्रा काफी मजेदार और यादगार रही. आश्रम एक्सप्रेस जैसे ही दिल्ली कैंट से चली, काले काले बादल और ठंडी हवाओं का झोंका भी साथ चल पड़ा. कुछ...

हमारी पहचान गोलघर

कभी आकाश को छूने की तमन्ना तो कभी शहर की सुन्दरता को उंचाई से देखने की ललक. कभी गोलाकार बनी उन 145 सीढ़ियों पर चढ़ते – चढ़ते हांफती सांसे तो कभी पटना की पहचान को नजदीक से देखने की ख़ुशी. कितना जुड़ाव था शहर का इस पुरानी धरोहर के साथ. लगाव आज भी है. लेकिन बदलते समय और इससे...

पटना से गुजरात भाया दिल्ली (यात्रा का पहला पड़ाव)

पिछले साल गर्मी के इस मौसम में सिक्किम की सैर करने निकला था, तो इस साल भी कहां चला जाये इसकी प्लानिंग हो रही थी. तभी अचानक गुजरात घूमने का ख्याल आया. टीवी पर कई बार अमिताभ बच्चन को गुजरात टूरिज्म के विज्ञापन में कहते सुना और देखा था, जिसमें वो देशवासियों से कुछ दिन गुजरात में बिताने की गुजारिश करते...