‘रूबरू’ कार्यक्रम में आपका बहुत – बहुत स्वागत है. इस श्रृंखला में आपको देश – दुनिया की सैर करने वाले बड़े – बड़े घुमक्कड़ों को नजदीक से जानने का मौका मिल रहा है. पेशे से माइनिंग इंजीनियर और पहाड़ों से प्यार करने वाले ब्लॉगर ओम प्रकाश शर्मा के सवालों के सामने यात्राओं के प्रेमी अपना दिल खोल कर रख देते हैं. आपकी जर्नी को आरामदेह और आसान बनाने के लिए इन बड़े-बड़े घुमक्कड़ों की यात्राओं से जुड़े अनुभव और उनके ट्रेवल टिप्स काफी काम आएंगे. तो चलिए चलते हैं सवाल – जवाब के इस सफर पर…

ओम प्रकाश शर्मा : दोस्तों नमस्कार. ‘रूबरू’ की चौथी कड़ी प्रस्तुत करते हुए मुझे बहुत हर्ष का अहसास हो रहा है. जैसा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि देश के बड़े-बड़े घुमक्कड़ों, जो अपने क्षेत्र में एक विशिष्ट मुकाम प्राप्त कर चुके हैं, उनसे बात करके हमसभी अपनी घुमक्कड़ी का ज्ञान बढ़ाएं. तो इस श्रृंखला में इस बार के मेहमान हैं ‘The First and Faster Biker in India’ नितिन कोली जी. जिन्होंने भारत के चारों कोने सबसे कम समय में राइड करके रिकॉर्ड बना रखा है. तो भारत के इन रिकॉर्ड होल्डर बाइकर से आज हम उनकी बाइक यात्राओं पर गुफ्तगू करेंगे.

नितिन भाई, ‘रूबरू’ कार्यक्रम में आपका बहुत-बहुत स्वागत है. सबसे पहले तो अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में कुछ बताइए.

नितिन कोली : इस कार्यक्रम में बुलाने के लिए सभी का मन से शुक्रिया. मैं ठाणे शहर का मूल निवासी हूं. यहां मैं अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहता हूं. घर से 30 किलोमीटर दूर वसई में होटल व्यवसाय से जुड़ा हूं. इसे मैं और मेरा चचेरा भाई मिलकर संभालते हैं, इसलिए घूमने के लिए वक़्त मिल जाता है.

ओम प्रकाश शर्मा : आप बाइकिंग क्यों करते हैं, इसने आपके जीवन को कैसे बदला है?

नितिन कोली : बाइकिंग मेरा शौक है और ये बाइकिंग ही है जिसने मुझे आप जैसे दोस्तों से मिलवाया. भगवान का लाख-लाख शुक्रिया.

ओम प्रकाश शर्मा : आप अधिकतर सोलो राइड करते हैं. सोलो राइडिंग का क्या आनंद है?

नितिन कोली : जी, मैं सोलो राइड करना ज्यादा पसंद करता हूं. ये आपको अपने आप से मिलने का मौका देता है. इसमें जो सुख है उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते.

ओम प्रकाश शर्मा : आपने कबसे बाइक चलाना शुरू किया? बाइक से भारत भ्रमण से पहले आपकी फेमस यात्रा कौन सी रही? बाइक चलाते हुए कभी चोट तो नहीं लगी आपको?

नितिन कोली : मैंने टू व्हीलर चलाने की शुरुआत 1996 में करी थी. थ्री गियर वाले प्रिया स्कूटर के साथ.

लंबी दूरी वाली पहली यात्रा साल 1998 में गणपतिपुले की करी थी. जिसके बाद से ही घूमने का सिलसिला शुरू हो गया. पहली बड़ी यात्रा महिंद्रा अर्माडा गाड़ी से दक्षिण भारत की थी.

बाइक चलाते समय एक बार जून 2017 में अंगूठे में मामूली फ्रैक्चर हुआ था. बाकी स्टैंड से गाड़ी गिरना और मामूली छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं.

ओम प्रकाश शर्मा : बाइक से यात्रा करने में क्या-क्या तैयारी और सावधानियां रखनी पड़ती है.

नितिन कोली : बाइक से यात्रा पर निकलने की सोच रहे हैं तो आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसपर विस्तार से एक गाइडलाइन मैंने तैयार की है. मुझे आशा है आपकी बाइक यात्रा में इससे थोड़ी-बहुत सहायता मिलेगी.

बाइक यात्रा के लिए ऐसे करें तैयारी

  1. बाइक की जांच : राइड पर जाने से पहले मोटर साइकिल की अच्छे से जांच कर लें, खासकर बैटरी, क्लच, फ्यूज, ब्रेक पैड, टायर और ऑयल आदि.

  2. बाइक का सामान क्या लें : फर्स्ट एंड बॉक्स (बैंडएड प्लास्ट, डिटॉल, हल्की दवाएं आदि)

टूल कीट (एक्स्ट्रा फ्यूज, स्पार्क प्लग, क्लच केबल, एक्सीलेटर केबल, पीछे के टायर की ट्यूब, टाइटपिन, बंजी रस्सी आदि) जरुर रखें.

सबसे जरुरी एक्स्ट्रा गाड़ी की चाबी बैग में सेफ साइड में रखे.

  1. बाइक के कागजात : ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी आदि को अपने पास रखना न भूलें. कोशिश करें कि इन कागजातों को एक छोटे से बैग में ही रखें, जिसे आप आसानी से अपने कंधे में टांग सकें. क्योंकि इसकी जरुरत आपको कभी भी पड़ सकती है. इनसब चीजों के जीरोक्स के साथ अपना पासपोर्ट साइज़ फोटो भी रखें. इससे कभी-कभी परमिट लेने के लिए आपका कीमती वक़्त बचेगा.

  2. इमरजेंसी के लिए स्लीपिंग बैग रखें.

  3. सेफ्टी किट जरुर पहनें : हेलमेट ब्रांडेड रखें और उसका कांच नया या एकदम क्लीन होना चाहिए. जूते, ग्लव्स, नी गार्ड ये सब आपकी सेफ्टी के लिए है. इससे आपको बहुत कॉन्फिडेंस मिलेगा.

  4. दिशा-निर्देशों का पालन करें : 70 से 80 की स्पीड सबसे अच्छी है, इससे ज्यादा तेज गाड़ी भगाना बहुत खतरनाक होगा.

  5. रूट मैप साथ रखें : आपको जहां भी जाना हो, उसका रूट मैप लेना न भूलें. उसे आप अपने वाहन के कागजात वाले बैग में ही रखें. साथ ही अपने मोबाइल में गूगल मैप डाउनलोड करें. लेकिन याद रहे- कभी-कभी गूगल मैप धोखा भी दे देता है.

  6. नशे से बचें : राइड के दौरान नशीली वस्तुएं/ शराब आदि का सेवन कतई न करें. आपके सुरक्षित लौटने, सुरक्षित यात्रा के बारे में जानने के लिए आपके घर वाले-दोस्त सभी आपकी राह देख रहे हैं.

  7. अपने साथ एक मोबाइल जरुर रखें : समय-समय पर अपने परिजनों को अपनी यात्रा, जगहों आदि के बारे में बताते रहें.

  8. सुबह जल्दी राइड शुरू करें : सुबह का वक़्त KM काटने के लिए मस्त रहता है. जरुरत के हिसाब से बाइक रोकें. जब आप वाहन रोकें तो हेलमेट जरुर निकालें. आंखों को साफ़ करने के बाद हेलमेट के शीशे को भी एक बार जरुर साफ़ कर लें. जब भी ब्रेक लें तो पानी जरुर पिएं. डिहाइड्रेशन का शिकार मत बनिए.

  9. स्पीड कम करना : हाईवे बदलते समय (फोरलेन से टूलेन) स्पीड कम करें. जब भी कोई हाईवे चेंज करें तो रुकना अच्छा ऑप्शन है. ज्यादातर एक्सीडेंट होश में न होने से होता है. कभी-कभी हम स्पीड वही रखते हैं और वो रोड उस स्पीड लायक नहीं रहती. ध्यान रहे, सबसे अच्छा ब्रेक हमारा मानसिक ब्रेक है.

  10. पेट्रोल कैरी मत कीजिए : यदि गलती से गाड़ी गिरी तो आग लग सकती है. मैं तो लद्दाख जाते वक़्त भी पेट्रोल कैरी नहीं करता. हनले जाते वक़्त पेट्रोल की जरुरत पड़ती है तब मैं संभल कर चलाता हूं.

  11. ठंडी हवा से बचें : ठंड में बाइक राइड कर रहे हैं तो ठंडी हवा से भी बचना बहुत जरुरी है. यदि हवा अंदर आ रही है तो गाड़ी चलाना मुश्किल होता है. इसलिए सबसे महत्वपूर्ण यही है कि हवा को अंदर घुसने नहीं दें. इस मौसम में अच्छे ग्लव्स पहनकर ही गाड़ी चलाएं.

  12. बारिश और पानी में सावधानियां : मैंने ऐसा कोई रेनकोट नहीं देखा जो 100 प्रतिशत पानी रोकता हो. इसलिए ज्यादा बारिश हो तो रुककर इसके कम होने का इंतजार करें. गमबूट में पानी भर जाए तो बार-बार साफ़ करें. यदि आप लद्दाख में कोई नाला क्रॉस कर रहे हैं तो जरुरत पड़ने पर पैर पानी में डालें. अगर ज्यादा ठंड लगे तो कोई ढाबा देख कर गाड़ी रोकें और अपना पैर सुखाएं.

  13. रात में सफ़र : यदि आप राष्ट्रीय राजमार्ग पर हों तो रात में चल सकते हो. पर अगर गांव का रास्ता है तो थोड़ा संभल कर चलें.

  14. हाईवे पर : अपनी गाड़ी अगर आप हाईवे पर भगा रहे हैं तो ध्यान दें. बीच में कोई बस्ती आने पर गाड़ी धीमी करें. ज्यादातर एक्सीडेंट वहीं होते हैं.

  15. नींद आने पर : बाइक राइड के दौरान अगर नींद आ रही है तो रुकें. थोड़ा आराम करें. जबरदस्ती महंगी पड़ सकती है. पॉवरनैप अच्छा ऑप्शन है.

  16. आवश्यक बर्तन : इलेक्ट्रिक केटल से आपके पैसे बच सकते हैं. उससे आप पानी गरम कर सकते हो और मैगी आदि भी बना सकते हैं.

  17. शॉपिंग : राइड के दौरान जो भी शॉपिंग इत्यादि करना चाहते हैं उसके बारे में पूरी गणना पहले ही कर लें. और बजट के अनुसार ही खरीदारी करें, क्योंकि लॉन्ग ड्राइव में आपके अकाउंट में पर्याप्त पैसों का होना बहुत जरुरी है.

  18. आपसी सामंजस्य : यदि आपके साथ कोई दूसरा राइडर हो या ग्रुप के साथ हों तो आपसी तालमेल रखें. झगड़ा बिलकुल ना करें. बहुत से एक्सीडेंट झगड़े की वजह से होते हैं. अगर आपकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं तो आप गाड़ी चलाने की स्थिति में नहीं होते. अपने साथी राइडर से तालमेल रखें और खुश रहें. वक़्त पड़ने पर एकदूसरे को संभाले.

  19. अकेले राइड : जब आप अकेले बाइक राइडिंग कर रहे होते हैं तो खुद से बातें कीजिए. याद रखिए आपका सबसे अच्छा दोस्त आप स्वयं हैं. बिंदास रहिए और खुश रहिए.

ओम प्रकाश शर्मा : जब लंबी बाइक राइड करनी हो, जैसे एक दिन में 800/1000 km तो इसके लिए आपकी क्या सलाह है?

नितिन कोली : इतनी लंबी राइड रोड के ऊपर निर्भर करती है. अगर सड़क अच्छी है तो कीजिए, वरना मत कीजिए. वैसे, लंबी यात्रा पर जाने के लिए आप सुबह जल्दी निकले. इससे फायदा यह होगा कि आप दोपहर 12 बजे तक 500 km पूरा कर लेंगे. बाद में आराम-आराम से भी चलेंगे तो टारगेट लगभग पूरा हो जायेगा.

ओम प्रकाश शर्मा : आपने एक दिन में मैक्सिमम कितना कवर करा है?

नितिन कोली : मैंने नॉन स्टॉप डेढ़ दिन में 1550 km. एक दिन में 900 से 1000, कभी 1100km. पहाड़ों पर लद्दाख Ladakh के निचले हिस्से के गांव अलची Alchi से उधमपुर Udhampur जाते वक़्त 560 km चलाया था एक दिन में.

ओम प्रकाश शर्मा : बाइक पर लगेज रखने की जगह सीमित होती है. ऐसे में सफ़र के दौरान आप सामानों के साथ कैसे मैनेज करते हैं?

नितिन कोली : देखिए, कोई भी राइड सक्सेस करनी है तो सामान कम रखिए. यदि पीछे सीट पर कोई नहीं हो तो टेलबैग का प्रयोग करें. इससे पीठ को आराम मिलेगा.

ओम प्रकाश शर्मा : लंबा सफ़र करते वक़्त बाइक पर बैठना दूभर हो जाता है. कोई ऐसा पाउडर या दवा बताएं जिससे कुछ आराम मिले. कुछ किलोमीटर चलने के बाद ही बैठना असंभव लगने लगता है.

नितिन कोली : अरे ऐसी कोई दवा नहीं है. लेकिन हां, आप अपनी गाड़ी की सीट पर ज्यादा कुशन डाल सकते हैं, इससे बैठने में आराम मिलेगा. लंबी दूरी की राइड के लिए सीट परफेक्ट होना बहुत जरुरी है. वैसे, आप ज्यादा किलोमीटर चले तो ही हिप में खुजली होती है. आपने कैसे कपड़े पहने हैं, यह उस पर भी निर्भर करता है. अगर ये समस्या आती है तभी ब्रेक लेकर थोड़ा आराम करें. कभी-कभी खुजली असहाय होती है तो उस स्थिति में कुछ देर के लिए सिटिंग पोजीशन बदल लें. फिर फिर वापस अपने पुराने पोजीशन में आ जायें. लंबी मोटर साइकिल यात्रा के पहले दिन आपको कमर दर्द होगा बाद में आप को आदत हो जाएगी. यात्रा के दौरान मैं बैग पीछे रखता हूं और जब मन करे पीठ को आराम देता हूं.

ओम प्रकाश शर्मा : जिसने मोटर साइकिल से कभी ट्रिप नहीं किया हो. वैसे लोगों को बाइक राइडिंग के लिए क्या करना होगा. गाड़ी चलाते वक़्त नीचे से हिप दर्द करने लग जाते हैं उसका  कैसे ध्यान रखें?

नितिन कोली : जब भी लांग ड्राइव पर जाएं तो कोशिश करनी चाहिए कि डेनिम कपड़ों जैसे जींस, जैकेट आदि का ही प्रयोग करें. इसके अलावे जूते, नी गार्ड, हाथों में दस्ताने हो और सबसे महत्वपूर्ण हेलमेट. रोड सेफ्टी का भी ध्यान रखें. वैसे आप 55 की स्पीड से चलते हैं तो वाइब्रेशन कम होगी और आपकी यात्रा स्मूथ और सुरक्षित रहेगी. रोजाना 200 km आप 4 या 5 ब्रेक में करें तो आपके हिप्स में दर्द नहीं होगा. वैसे हिप्स में दर्द तब होता है जब आप लगातार चलते हैं. इसलिए कोई भी राइड हो, जब आपको थकावट लगे तो कुछ देर आराम जरुर करें.

ओम प्रकाश शर्मा : यात्रा के दौरान सड़कों पर कभी ट्रैफिक पुलिस ने आपको रोका या परेशान किया है?

नितिन कोली : नहीं, परेशान तो कभी नहीं किया. हां रूटीन पेपर चेक हुए हैं. एक बार तो मैं हैदराबाद में एक्सप्रेस वे पर चला गया. मुझे रोका तो मैंने कहा इस बारे में मुझे मालूम नहीं था. फिर उस ऑफिसर ने कुछ नहीं कहा और मुझे जाने दिया. हम अच्छे तो दुनिया अच्छी.

ओम प्रकाश शर्मा : लंबी राइड पर जाने से पहले बाइक ठीक करने की ट्रेनिंग भी लेनी पड़ती है क्या?

नितिन कोली : हां बाइक से संबंधित थोड़ी – बहुत जानकारी तो आपको होनी ही चाहिए. जब भी आप अपनी गाड़ी की सर्विसिंग कराने जाए तो ध्यान से देखिए. बहुत कुछ आप सिर्फ देखकर ही सीख जाएंगे.

ओम प्रकाश शर्मा : अब कुछ सवाल नर्मदा यात्रा पर. नर्मदा नदी की परिक्रमा कब और कैसे शुरू करें. उपर्युक्त समय और यात्रा में साथ क्या-क्या लेकर जाना होगा.

नितिन कोली : नर्मदे हर. नर्मदा परिक्रमा आप चतुर्मास छोड़कर कभी भी कर सकते हैं. इसके लिए उपर्युक्त समय दिसम्बर से अप्रैल है. नर्मदा यात्रा के दौरान अपने साथ जो भी जरुरी चीजें रखें उसमें स्लीपिंग बैग जरुर रखें. आश्रम में सोने के लिए बहुत उपयोगी रहेगा. अपनी यात्रा ओंकारेश्वर या अमरकंटक से शुरू करें. मैं ओंकारेश्वर से शुरू करने को कहूंगा ताकि परिक्रमा पूरी होने के बाद ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकें.

ओम प्रकाश शर्मा : आपने भी नर्मदा परिक्रमा की है. आपकी ये यात्रा आध्यात्मिक थी या अन्य यात्राओं की तरह ही एक और अभियान रही?

नितिन कोली : साल 2008 से मैं इस यात्रा के बारे में पढ़ रहा था. परंतु एक ही चीज थी कि सागर पार कैसे करें. गाड़ी कैसे पार करें. जवाब कहीं से नहीं मिला. आखिर 2018 में सोचा जो होगा वो देखा जाएगा और फिर निकल पड़ा. वमलेश्वर पहुंच कर पता चला कि हमारी गाड़ी दूसरी ओर पहुंचाने के लिए ड्राईवर मिलते हैं. ऐसे में कोई प्रॉब्लम नहीं हुई.

मेरी यात्रा आध्यात्मिक थी. असली परिक्रमा तो चलकर पूरी होती है. भागदौड़ की जिंदगी में वक़्त ही नहीं मिलता ऐसे में मैंने एक कोशिश की. 4274 किलोमीटर के अंतर को घर से घर तक पूरा किया. यात्रा ओंकारेश्वर से शुरू करके ओंकारेश्वर में समाप्त की.

ओम प्रकाश शर्मा : नितिन भाई, आपसे बात करना काफी सुकून भरा होता है. बाइकिंग के अलावे जीवन में शांत कैसे रहें, आपसे यह भी सीखने को मिला. चर्चा के लिए बहुत आभार आपका.

नितिन कोली : आपका भी बहुत-बहुत धन्यवाद.

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