पटना में स्थित राजधानी वाटिका जिसे हमलोग ईको पार्क के नाम से ज्यादा जानते हैं, धीरे-धीरे लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. इसके तीन हिस्सों में मनोरंजन, भरपूर हरियाली और बच्चों के झूलों के साथ-साथ ओपन स्पेस भी शहर के लोगों को खूब भाते हैं. बता दें कि यह पार्क नए साल में बदला-बदला सा नजर आएगा. इसे लेकर तैयारियां काफी जोर-शोर से चल रही हैं.

ईको पार्क पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंदर आता है. हालांकि ये पार्क पहले से ही खुबसूरत हैं, पर इसे और भी ज्यादा सुंदर बनाने के लिए यहां रंग-रोगन हो रहा है, हर जगह रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगाये जा रहे हैं. झूलों और वोटिंग को और अच्छा किया जा रहा है. इसके अलावे ईको पार्क घूमने आने वाले लोगों को कई और नयी सौगातें अगले साल 2019 में देखने को मिलेंगी. इसमें फाइटर प्लेन मिग 21 और पार्क में फ्री वाई-फाई की सुविधा से लेकर 70 फीट ऊंचाई वाला झरना तक शामिल है, जिनका अगले साल से पर्यटक दीदार कर सकेंगे.

मिग-21 एक सुपरसोनिक लड़ाकू जेट विमान है. इसका निर्माण सोवियत संघ के मिकोयान-गुरेविच डिजाईन ब्यूरो ने किया है. इस कारण इसका पूरा नाम Mikoyan-Gurevich है. इस फाइटर प्लेन के बारे में आपको बता दें कि यह भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे पुराने फाइटर जहाजों में से एक है. इसका इस्तेमाल भारतीय सेना ने साल 1965 में पाकिस्तान और फिर 1971 में चीन के खिलाफ होनेवाले युद्ध में किया था. वहीँ साल 1999 में कारगिल युद्ध में भी पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों को सबक सिखाने में इसका काफी योगदान रहा है. यह प्लेन 55 फीट लंबा, 23 फीट चौड़ा और 4.125 मीटर ऊंचा है. इसे स्थापित करने के लिए 14.5 मीटर लंबा, 7.15 मीटर चौड़ा और दो मीटर ऊंचा चबूतरा बनाया गया है. हार्डिंग पार्क की ओर पड़ने वाले ईको पार्क के फेज तीन के अंदर ठीक गेट के सटे इसे उड़ान भरने की स्थिति में रखा गया है. जिसे देखने से ऐसा लग रहा है कि यह लड़ाकू विमान दुश्मनों के खिलाफ अभी उड़ान भरने वाला है. पार्क में एक गाइड भी रखा जायेगा जो लोगों को इस योद्धा जहाज की कहानी सुनायेंगे.

बता दें कि मिग-21 लड़ाकू विमान को रखने के लिए वन विभाग ने पटना के आर. ब्लॉक चौराहा और जीपीओ गोलंबर के बीच स्थित वीर कुंवर सिंह आजादी पार्क और ईको पार्क इन दो जगहों का नाम भेजा था. जिसके बाद बिहटा और इलाहाबाद के एयरफ़ोर्स की टीम ने इन दोनों पार्कों का जायजा लिया. उसके बाद ही ईको पार्क को मंजूरी दी गयी. इस प्लेन के अलग-अलग पार्ट्स को ट्रक में लोड कर लखनऊ से यहां लाया गया है. जिसे अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से आए इंजीनियरों ने इसके सभी पार्ट्स को पार्क में फिर से जोड़ कर पूरी फिटिंग की.

इसके साथ ही, अगले साल से पार्क में घूमने वाले लोगों को फ्री इंटरनेट की सुविधा भी दी जाएगी. पटना में हुए एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि पटना के ईको पार्क में हजारों की संख्या में बच्चे, बूढ़े और युवा घूमने आते हैं. इसलिए यहां वाई-फाई लगाए जायेंगे. बाद में इसकी सफलता को देखते हुए राजधानी के अन्य सभी बड़े पार्कों में भी Wi-Fi की सेवा शुरू की जाएगी.

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हालांकि नए साल में मिलने वाले इन सौगातों को लेने के लिए अब आपको अपनी पॉकेट थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी. क्योंकि पार्क का टिकट भी महंगा होने वाला है. अभी पार्क में इंट्री करने के लिए टिकट का दाम प्रति व्यक्ति 20 रूपए लग रहा है, जो बढ़ कर 30 रूपए हो जायेगा. लेकिन बच्चों के टिकट में कोई वृद्धि नहीं की गयी है. इनका प्रवेश शुल्क दस रूपए ही रहेगा.

इस पार्क के बारे में आपको बता दें कि संजय गांधी जैविक उद्यान यानि पटना जू के बाद शहर भर में सिर्फ यही एक ऐसा पार्क है जहां सबसे ज्यादा लोग आते हैं. आकड़ों की माने तो एक ओर पटना जू में जहां हर साल करीब 30 लाख लोग पहुंचते हैं तो वहीँ ईको पार्क में सुबह की सैर करने आने वाले लोगों को भी जोड़ लिया जाए तो इन सभी लोगों को मिलाकर प्रत्येक साल लगभग 23 लाख विजिटर्स यहां आते हैं.

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  1. Wow!!! It seems a very beautiful place.Very nice information for visitors. Thank you for share beautiful and wonderful pictures. We are providing car rental service in Patna on affordable rates.

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